इकलौती बेटियां

इकलौती बेटियां

इकलौती बेटियां नहीं होती
कभी किसी परिवार का हिस्सा
वे तो होती है बस
इकलौती नाम का 'ठप्पा'
जिसे नहीं होता हक़
एक साथ दो परिवार को अपना कहने का....

इकलौती बेटियां होती है
इक अंतहीन सफर-सी
जिसकी ज़िंदगी यहीं सोचते
हो जाती है ख़त्म
के उसे नहीं है हक़
ज़रा भी अपने बारे में सोचने का ....

इकलौती बेटियां होती है
एक मुक्केबाज़ के पंचिंग बैग सी
जिसे जब-तब सहना होता है
कुछ तानों का दंश
क्योंकि नहीं होता उसे ये हक़
के वो ले सके पक्ष अपने माँ-बाप का ....

इकलौती बेटियां
होती है बड़ी नालायक
जिन्हें नहीं आता ज़रा भी
छोड़ कर आगे बढ़ जाना
के वो नहीं हो पाती स्वार्थी
और बनना चाहती है कंधा पिता का...

इकलौती बेटियां
नहीं लेकर आती किस्मत
इकलौते बेटे सी
के कहते है इन बेटों से
ब्याही लड़कियों के खुल जाते है भाग्य
चली जाती है पांचों उंगलियां घी में ....

इकलौती बेटियों से
नहीं ब्याहे जाने चाहिए बेटे
जिन्हें पाला-पोसा जाता है
कलियों से भी ज़्यादा कोमलता से
के इन बेटियों से ब्याहने पर
हो जाती है उनकी ज़िंदगी बड़ी संघर्षरत....

इकलौती बेटियां
जो भी होती है
बस नहीं होती हृदयहीन
क्योंकि वो नहीं छोड़ पाती
अपनी परवरिश, पैदाईश को
वो ढोती है इन्हें अपने कंधे पर
श्रवण कुमार की तरह .......

©ज्योति 

Comments